विनाशनी

रोजाना की तरह आज भी धूप खिली हुई थी।ठंढक की ये प्यारी धूप लेने लोग अपने घरों से बाहर निकल आये थे।सौर्य अपने…

विनाशनि 2

पिछले भाग में आपने सौर्य और निधि के मिलने और कुछ अज्ञात परिस्तिथियों में होती हत्याओं के बारे में पढ़ा।अब आगे! सामने एक…

एक विवाह ऐसा भी भाग 2

……………मुम्बई आकर भी रश्मि सहज नहीं हो पा रही थी।उसका अतीत उसके साथ साये की तरह लिपटा रहा। वह चाहकर भी उनसे पीछा…

एक विवाह ऐसा भी।

  रश्मि अपने माता पिता की इकलौती सन्तान थी।उसके पिताजी गवर्मेन्ट अफसर थे।माताजी घर संभालती और रश्मि की देखभाल करती।जब रश्मि का जन्म…