खूबसूरत

निशा बचपन से ही बहुत खूबसूरत थी।जैसे जैसे बड़ी होते गई उसकी खूबसूरती में चार चांद लगते गए। वो जिससे...

मौत

क्या है मौत,क़यू है मौत।कोई कहे कविता सी सूंदरकोई कहे परियो सी खूसूरत।किसी को लगे शांति की मूरतकिसी को जन्नत...

चिड़ियाघर

पिछले सप्ताह की बात है बेटी के कई बार आग्रह के बावजूद समयाभाव के कारण काफी दिनों बाद चिड़िया घर...

आंसू

सरल हृदय, सुलभता भरा मन।आ गए आंसू आंखों में कुछ देख सुन।कभी खुशी के तो कभी गम में।कभी हार से...

अबकी होली

रंगों और खुशियों कीदही भल्ले और गुजियो किभागमभाग और हुड़दंगों किरंगों में रंगी होती है होली। सबमे शामिल होकर भीसबसे...

लोककथा भाग 12

त्रिपुरा के राजा देव अपने मंत्री के ज्ञान व उनकी हाजिरजवाबी से कुपित थे। एक बार जब मंत्री के हाजिरजवाबी से नाराज...