कात्यायनी

चन्‍न्द्रहासोज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।कात्यायनी शुभं दद्याहेवी दानवघातिनी॥ माँ दुर्गके छठवें स्वरूपका नाम कात्यायनी है। इनका‘कात्यायनी नाम पड़नेकी…

कालरात्रि

एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥ वामपादोल्‍लसल्लोहलताकण्टक भूषणा ।वर्धनमूर्धध्वजा_ कृष्णा कालरात्रि्भयड्डरी ॥ माँ दुर्गाजीकी सातवीं…

कूष्माण्डा

सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च्च।दधाना हस्तपदमाभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे॥ माँ दुर्गाजीके चौथे स्वरूपका नाम कृष्माण्डा है। अपनी…