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कैसी हो तुम

जबसे जाना जितना जाना,
बुन रहा बस उसका ताना बाना
नाम सी स्वर्णिम,कर्म स्वरूपा
अंखियां जीवन ज्योत जगाई
अधरों पर मुस्कान समाई।

सहमी सी

डरी हुई सहमी सीप्यारी सी भोली सीदेखती चिहुँक कर चहुओर धड़कन बढ़ी सांसे अटकीलगाए आस पुरजोरएक स्पर्श प्रेम का पाकरउड़ चली उस ओर।

समझ

समझ कर भी नासमझी का फ़साना क्यूँ।अपने सी लगती फिर भी बेगाना क्यूँ।नासमझी का यूँ हर रोज नया बहाना क्यूँ।हर रोज याद करना…

सौंदर्य

जादूगरी प्रशाधनो कीउचित अनुचित संसाधनों कीकुछ सुंदर बिंदिया सजानापायल की छम छम बजानाफॉसिल की घड़ियां सजानागेस की महक जगानाजारा के आवरण चढ़ानारे बन…

पगली

उस पगली की बातों में खोना।उसका पास होकर भी न होना।ख्याब उसके हरपल सँजोना।उसकी आगोश में आँखे भिगोना। आश भरकर उससे रखना।अपना सबकुछ…

वो अघोरी

मैं उसे देखकर नजरअंदाज कर दिया करता था।तब मुझे इनके ढकोसले पन और कर्महीनता पर बहुत ही क्रोध आता था।गन्दगी सर से पांव…

प्रवी

प्रवी रोज की तरह आज स्कूल से 1:00 बजे घर पहुँची।स्कूल का बैग उतारकर बगल में रख दिया और मेरे पास खड़ी हो…

वो गलियां

ये शहर की उन बदनाम गलियों की कहानी है जहाँ शरीफ ज़ादे दिन के उजाले में जानें में कतराते हैं।मगर रात में अपनी…

गुमशुदा लडकी

बात उस समय की है जब मेरी पोस्टिंग पिथौरागढ़ के जंगली इलाके में थी।मैं उस छोटे से चौकी का इंचार्ज था कुल मिलाकर…

तिनगी का नाच

आजकल के आधुनिक भारत में जब महिलाओं को पुरुषों की बराबरी का दर्जा दिया गया है और महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से…

त्याग

बहुत पुरानी बात है।दादाजी और गांव के कुछ लोगों से सुना था।हमारे गांव में गोमती नदी के किनारे एक बहुत ही विशाल पीपल…

लोककथा भाग 3

शातिर चोर किसी ज़माने में एक बहुत शातिर चोर था। वह बड़ा ही चतुर था। उसका मानना था कि वह आदमी की आंखों…

लोककथा भाग 2

टिपटिपवा एक गाँव में मेघु नाम का एक मोची ने अपने रहने के लिए एक झोपड़ी बना रखी थी। वह अपने परिवार का…

लोककथा भाग 1

बचपन मे दादी और नानी से सुनी कहानियों का श्रृंखला बनाने का एक प्रयास। एक जंगल में ऊंट और सियार रहते थे। उस…