अबकी होली

Cover

Cover

रंगों और खुशियों की
दही भल्ले और गुजियो कि
भागमभाग और हुड़दंगों कि
रंगों में रंगी होती है होली।

सबमे शामिल होकर भी
सबसे गाफिल होकर भी
मुस्कान वाले चेहरे लेकर भी
सबसे घिरे होकर भी
क़यू मौन है इनकी होली।

यूँ लगे कोई तिक्त दवाओं का असर हो।
या कोई गहरा जख्म हरा हो।
सोचा पूछ लूं तोड़ सारे शिष्टता के बंधन।
भर दूँ उनके जीवन मे भी कुछ रंग।
डर जाता हूं उनकी सहमी सी आंखों के सवालों से।
हिम्मत जबाब दे जाती है उनकी खामोशियों पे।

शायद टूट चुका है भरोसा सबसे।
या फिर नहीं उम्मीद कुछ जीवन से।
क्यूं ना एक कोशिस की जाए।
सबके जीवन मे होली के रंग भरी जाए।

                  #😢😢😢😢#

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

hi_INHindi
en_USEnglish hi_INHindi