लोक-कथा

कछुए और बन्दरकछुए और बन्दर

कछुए और बन्दर

एक बार एक कछुआ एक अजनबी शहर में नमक खरीदने गया। जब वह नमक खरीद कर वापस लौट रहा था…

3 वर्ष ago
अहंकारअहंकार

अहंकार

एक समय की घटना है, एक बूढ़े आदमी ने अपनी बहुत सी सम्पत्ति अपने पत्र के नाम कर दी ।…

3 वर्ष ago
फुर्र-फुर्र: लोक-कथाफुर्र-फुर्र: लोक-कथा

फुर्र-फुर्र: लोक-कथा

एक जुलाहा सूत कातने के लिए रुई लेकर आ रहा था। वह नदी किनारे सुस्ताने के लिए बैठा ही था…

3 वर्ष ago
चालाक लोमड़ीचालाक लोमड़ी

चालाक लोमड़ी

किसी जंगल में एक लोमड़ी का परिवार रहता था। जब मादा लोमड़ी गर्भवती हुई तो उसने अपने पति से घर…

3 वर्ष ago
कुतिया से शादीकुतिया से शादी

कुतिया से शादी

किसी गाँव में एक जवान लड़का रहता था जो ढोरों को चराया करता था. जिस मैदान में वह अपने ढोर…

3 वर्ष ago
अफ्रीकी लोक-कथा | चींटियाँअफ्रीकी लोक-कथा | चींटियाँ

अफ्रीकी लोक-कथा | चींटियाँ

अनानसी और उसका बेटा कवेकू – दोनों बहुत चतुर किसान थे. उन दोनों के खेत अलग-अलग थे और हर साल…

3 वर्ष ago
संत तुकाराम संत तुकाराम 

संत तुकाराम

आज हम संत तुकाराम महाराजजी की कथा सुनेंगे । संत तुकाराम महाराज जी की भगवान पांडुरंग के प्रति अनन्‍यसाधारण भक्‍ति…

3 वर्ष ago
राजा हरिश्‍चंद्रराजा हरिश्‍चंद्र

राजा हरिश्‍चंद्र

सूर्यवंश में त्रिशंकु नाम के बडे राजा हुए थे । वह अयोध्‍या के राजा थे । उनके पुत्र का नाम…

3 वर्ष ago
रघुवंशी राजा दिलीपरघुवंशी राजा दिलीप

रघुवंशी राजा दिलीप

श्रीराम प्रभु के रघुवंश की यह प्रसिद्ध कथा है। श्रीराम से पहले रघुवंश में एक महान चक्रवर्ती सम्राट दिलीप हुए…

3 वर्ष ago
निरपेक्ष प्रेमनिरपेक्ष प्रेम

निरपेक्ष प्रेम

एक गांव में एक बूढी माई रहती थी । उसका इस संसार में कोई नहीं था । इसलिए वह अकेली…

3 वर्ष ago
प्रभु श्रीराम की बहन शांताप्रभु श्रीराम की बहन शांता

प्रभु श्रीराम की बहन शांता

श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न राजा दशरथ के पुत्र थे । इनके साथ ही राजा दशरथ और रानी कौशल्या की…

3 वर्ष ago
लक्ष्मणजी की तपस्‍यालक्ष्मणजी की तपस्‍या

लक्ष्मणजी की तपस्‍या

प्रभु श्रीरामजी के तीनों भाई अर्थात् लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्‍न उनकी सेवा करते थे । वे श्रीरामजी को पिता समान…

3 वर्ष ago
घमंडघमंड

घमंड

कालिदास नामक एक महान और विद्वान कवि थे । उन्‍हें अपनी कला और ज्ञान का बहुत घमंड हो गया था…

3 वर्ष ago
जटा और सतीजटा और सती

जटा और सती

नपुंसक पति की घरवाली-सी वह शोकभरी शाम थी। अगले जन्म की आशा के समान कोई तारा चमक रहा था। अंधेरे…

3 वर्ष ago
भाग्यभाग्य

भाग्य

चंद्रिका नगर के निवासी लालाराम नामाक बनिये का लड़का सौ रुपये मुल्यवाली एक पुस्तक खरीद लाया. उस पुस्तक में एक…

3 वर्ष ago

भाग्य का खेल

देव-समाज के वृहद् महोत्सव का आयोजन हो रहा था। सभी देवता अपने-अपने वाहनों में आ रहे थे। महादेव शंकर सभा…

3 वर्ष ago

चीड़ के पेड़ को श्राप | लोककथा

यह पहाड़ी लोककथा उत्तराखंड के पिथौरागढ़ क्षेत्र से सम्बंधित है। पिथौरागढ़ में भादो के माह में सातू -आठु पर्व मनाया…

3 वर्ष ago

गरज

एक दिन बीरबल दरबार में उपस्थित नहीं थे। ऐसे में बीरबल से जलने वाले सभी सभासद बीरबल के खिलाफ बादशाह…

3 वर्ष ago

अकबर और बीरबल

बादशाह अकबर और बीरबल के बीच कभी-कभी ऐसी बातें भी हुआ करती थीं जिनकी परख करने में जान का खतरा…

3 वर्ष ago

चार दोस्तों की आँखें नम करने वाली कहानी

स्कूल के चार करीबी दोस्तों की आँखें नम करने वाली कहानी है।जिन्होंने एक ही स्कूल में कक्षा बारवीं तक पढ़ाई…

3 वर्ष ago

जिंदा भूत

एक दिन राजू के मन में आया कि लोगों को भूत बनकर डराया जाए। वह सांस रोकर बैठ गया ।…

5 वर्ष ago