लोककथा भाग 5

कौवा हकनी बहुत पहले एक राजा  था। उनकी दो रानियाँ थीं। दोनों रानियो के कोई सन्तान न थी। राजा और…

2 वर्ष ago

लोककथा भाग 4

एक सूफी संत थें।सूफियाना मिजाज के साथ ही उनके हाजिर जबाब होने की भी बहुत चर्चा थी।लोग उनसे दूरी ही…

2 वर्ष ago

कैसी हो तुम

जबसे जाना जितना जाना, बुन रहा बस उसका ताना बाना नाम सी स्वर्णिम,कर्म स्वरूपा अंखियां जीवन ज्योत जगाई अधरों पर…

2 वर्ष ago

सहमी सी

डरी हुई सहमी सीप्यारी सी भोली सीदेखती चिहुँक कर चहुओर धड़कन बढ़ी सांसे अटकीलगाए आस पुरजोरएक स्पर्श प्रेम का पाकरउड़ चली…

2 वर्ष ago

समझ

समझ कर भी नासमझी का फ़साना क्यूँ।अपने सी लगती फिर भी बेगाना क्यूँ।नासमझी का यूँ हर रोज नया बहाना क्यूँ।हर…

2 वर्ष ago

सौंदर्य

जादूगरी प्रशाधनो कीउचित अनुचित संसाधनों कीकुछ सुंदर बिंदिया सजानापायल की छम छम बजानाफॉसिल की घड़ियां सजानागेस की महक जगानाजारा के…

2 वर्ष ago

पगली

उस पगली की बातों में खोना।उसका पास होकर भी न होना।ख्याब उसके हरपल सँजोना।उसकी आगोश में आँखे भिगोना। आश भरकर…

2 वर्ष ago

वो अघोरी

मैं उसे देखकर नजरअंदाज कर दिया करता था।तब मुझे इनके ढकोसले पन और कर्महीनता पर बहुत ही क्रोध आता था।गन्दगी…

2 वर्ष ago

प्रवी

प्रवी रोज की तरह आज स्कूल से 1:00 बजे घर पहुँची।स्कूल का बैग उतारकर बगल में रख दिया और मेरे…

2 वर्ष ago

वो गलियां

ये शहर की उन बदनाम गलियों की कहानी है जहाँ शरीफ ज़ादे दिन के उजाले में जानें में कतराते हैं।मगर…

2 वर्ष ago

गुमशुदा लडकी

बात उस समय की है जब मेरी पोस्टिंग पिथौरागढ़ के जंगली इलाके में थी।मैं उस छोटे से चौकी का इंचार्ज…

2 वर्ष ago

तिनगी का नाच

आजकल के आधुनिक भारत में जब महिलाओं को पुरुषों की बराबरी का दर्जा दिया गया है और महिलाएं पुरुषों के…

2 वर्ष ago

जालूत और तालूत की लड़ाई

जब बनी इस्राईल के अख्लाक बिगड गए और आदतें खराब हो गई, तो अल्लाह तआला ने उन पर जालूत नाम…

2 वर्ष ago

त्याग

बहुत पुरानी बात है।दादाजी और गांव के कुछ लोगों से सुना था।हमारे गांव में गोमती नदी के किनारे एक बहुत…

2 वर्ष ago

लोककथा भाग 3

शातिर चोर किसी ज़माने में एक बहुत शातिर चोर था। वह बड़ा ही चतुर था। उसका मानना था कि वह…

2 वर्ष ago

लोककथा भाग 2

टिपटिपवा एक गाँव में मेघु नाम का एक मोची ने अपने रहने के लिए एक झोपड़ी बना रखी थी। वह…

2 वर्ष ago

लोककथा भाग 1

बचपन मे दादी और नानी से सुनी कहानियों का श्रृंखला बनाने का एक प्रयास। एक जंगल में ऊंट और सियार…

2 वर्ष ago

फरिश्ते और आदम

आदम की उत्पत्ति के प्रस्ताव को फरिश्तों ने यह कहकर अस्वीकार कर दिया था कि हम हरेक काम को उससे…

2 वर्ष ago

कहानी की कहानी

आज शहर के सबसे पुराने पुस्तकालय में प्रदर्शनी लगी हुई थी।बहुत से पाठक और लेखकगण वहाँ पहुंचे हुए थे।उन्ही में…

2 वर्ष ago

श्रापित गुड़िया 2 जंगलों की रहस्यमय कहानिया

पूर्व भाग में आपने पढ़ा कैसे एक मित्र से मिलने हम इम्फाल जाते है वहां हमे एक डॉक्टर मित्र से…

2 वर्ष ago

श्रापित गुड़िया जंगलों की रहस्यमयी कहानिया।

गर्मियों की छुट्टियां आ गयी थी।हमने कही घूमने का प्लान बनाया पर कोई भी जगह फाइनल नहीं हो पा रही…

2 वर्ष ago